• Breaking News

    Wednesday, 12 April 2017

    अमरीका ने कहा रूस से रिश्ते बेहतर होने चाहिए

    रेक्स टिलरसन और सर्गेई लावरोवअमरीकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन और विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साध दो घंटे लंबी वार्ता की है.
    रेक्स टिलरसन ने वार्ता को सफल बताया, लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि दुनिया के दो सबसे शक्तिशाली परमाणु संपन्न देशों के बीच रिश्ते ऐसे ख़राब नहीं रह सकते हैं जैसे कि फ़िलहाल हैं.
    बातचीत के केंद्र में सीरिया का मुद्दा ही रहा. रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि उन्हें सीरियाई सरकार के रासायनिक हमले के सबूत अभी देखने बाकी हैं.सीरियाई सरकार पर रासायनिक हमले करने के आरोपों के बाद अमरीका ने सीरियाई सैन्य हवाई अड्डे पर मिसाइल हमले किए थे.
    रूसी विदेश मंत्री ने ये भी कहा कि उन्होंने अमरीका से अमरीकी राष्ट्रपति चुनावों में कथित रूसी दख़ल के सबूत भी मांगे हैं जो मुहैया नहीं कराए गए हैं.
    आरोप है कि रूस के साइबर दलों ने अमरीकी चुनावों में घुसपैठ करके राष्ट्रपति ट्रंप के चुनावी अभियान को फ़ायदा पहुंचाया था.सीरिया के मामले में अमरीका और रूस के बीच मतभेद बढ़ते ही जा रहे हैं. दोनों देशों के राष्ट्रपतियों ने एक दूसरे के ख़िलाफ़ कड़ी टिप्पणियां की हैं.
    अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने यहां तक कहा कि सीरिया में बशर अल असद के रूप में रूस 'एक जावनर' का समर्थन कर रहा है.
    इससे पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने कहा था कि अमरीका ने सीरिया के एयरबेस पर हमला करके क़ानून का उल्लंघन किया है और ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद अमरीका और रूस के बीच विश्वास सबसे ख़राब दौर में है.सीरिया के विद्रोहियों के कब्ज़े वाले इलाके में संदिग्ध रासायनिक हमले के बाद अमरीका और रूस में तनाव बढ़ गया है. इस हमले में 89 लोग मारे गए थे.
    अमरीका और उसके सहयोगियों का कहना है कि इस हमले के पीछे सीरिया सरकार का हाथ है और इसके बाद अमरीका ने सीरिया के शरयात एयरबेस पर 59 क्रूज़ मिसाइल दागे थे.
    हालांकि सीरिया ने रासायनिक हमलों की बात से इंकार किया है और रूस इस मामले में सीरिया के समर्थन में है.

    ट्रंप की नाराज़गी

    सीरिया में रासायनिक हमलों के बाद ट्रंप काफी नाराज़ दिखे थे और उन्होंने फ़ॉक्स न्यूज़ से बातचीत में कहा था कि 'हम उन पर कड़ी कार्रवाई करेंगे.'
    सीरिया के राष्ट्रपति बशर के बारे में ट्रंप का कहना था, ''ये साफ है कि रूस एक ऐसे आदमी का समर्थन कर रहा है जो दुष्ट है. अगर रूस इस 'जानवर' का समर्थन नहीं करता तो इस समय ये समस्या ही नहीं होती.''
    हालांकि ट्रंप ने ये भी साफ किया कि अमरीका सीरिया में युद्ध का नया मोर्चा नहीं खोलने वाला है.
    उधर मिर टेलीविज़न को दिए इंटरव्यू में रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन का कहना था कि सीरिया के पास रासायनिक हथियार हैं ही नहीं.उनका कहना था, ''इसके क्या सबूत हैं कि सीरिया ने रासायनिक हमले किए. कोई सबूत नहीं है इस बात का.''
    उनका कहना था कि सीरिया के एयरबेस पर हमला अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों का सरासर उल्लंघन है.
    ट्रंप प्रशासन के आने के बाद रूस और अमरीका के रिश्ते बेहतर होने की उम्मीद की जा रही थी. इस बारे में पूछे जाने पर पुतिन का कहना था, ''ये कहा जा सकता है कि दोनों पक्षों के बीच जो विश्वास था, खासकर सेना के मामले में, वो बेहतर नहीं हुआ है बल्कि और ख़राब ही हुआ है.''
    राष्ट्रपति पुतिन ने रासायनिक हथियारों के मामले में यूएन की तरफ़ से स्वतंत्र जांच की मांग भी की है.

    No comments:

    Post a Comment

    Fashion

    Beauty

    Travel