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    Friday, 24 March 2017

    अलर्ट! नए फाइनेंस बिल में बदल गए हैं इनकम टैक्स के ये 8 नियम

    संसद ने नए फाइनेंस बिल संशोधन को अपनी मंजूरी दे दी है जिसके बाद सरकार ने बजट में प्रस्तावित कई टैक्स और ड्यूटी में फेरबदल किए हैं. बता दें कि इनकम टैक्स से संबंधित 8 महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं जिन्हें जानना आपके लिए बेहद ज़रूरी है.
    नया बिल संसद में पास होने के बाद बजट 2017 में किए गए टैक्स संबंधित सभी प्रावधान अब कानून बन गए हैं और इनका असर आपके ऊपर भी पड़ना तय है.
    फाइनेंस बिल संशोधन के बाद नियमों में हुए ये बड़े बदलाव:
    इनकम टैक्स
    1. इस नए बिल के बाद 2.5 लाख से 5 लाख रुपये की सालाना इनकम वाले लोगों के लिए टैक्स दर में 10 परसेंट से 5 परसेंट की कटौती की गई है. इससे आपकी जेब को करीब 12,500 रुपए की बचत होना तय माना जा रहा है. इसके आलावा अगर किसी की सालाना इनकम 1 करोड़ रुपए से ज्यादा है तो उसे भी नियमों में बदलाव के बाद करीब 14,806 रुपए की बचाता होगी.
    2. 3.5 लाख रुपए की सालाना इनकम वालों को इस बदलाव से थोड़ा नुकसान हुआ है. पहले जहां उन्हें टैक्स छूट 5,000 रुपए मिलती थी लेकिन अब ये घटकर 2,500 रुपए हो गई है. हालांकि इस सालाना इनकम वाले लोगों को सिर्फ 2,575 रुपए इनकम टैक्स अदा करना होगा जबकि पहले ये रकम 5,150 रुपए थी.
    3. जिन लोगों की सालना इनकम 50 लाख से 1 करोड़ रुपए के बीच है उन्हें इनकम टैक्स के आलावा 10 परसेंट सरचार्ज भी अदा करना होगा. एक करोड़ से ज्यादा सलाना इनकम वाले लोगों के लिए ये सरचार्ज 15 परसेंट होगा.
    4. एक और बदलाव के तहत जिन लोगों की सालाना इनकम 5 लाख रुपए तक है उनके लिए सिर्फ 1 पेज का टैक्स रिटर्न फॉर्म जारी किया जाएगा. इसके अलावा जो लोग पहली बार ये फॉर्म भर रहे होंगे उनके फॉर्म की स्क्रूटनी नहीं की जाएगी.
    5. साल 2017-18 के लिए टैक्स रिटर्न भरने में देरी होने पर अगर रिटर्न 31 दिसंबर 2018 तक दाखिल किया जाता है तो 5000 रुपए की पेनल्टी लगेगी और इसके बाद इसे दाखिल किया जाता है तो ये पेनल्टी बढ़कर 10,000 रुपए हो जाएगी. हालांकि 5 लाख से कम सालाना इनकम वालों के लिए ये पेनल्टी 1000 रुपए रखी गई है.
    6. संपत्ति से जुड़े नियम भी बदले:
    पुराने नियमों के मुताबिक सरकार पहले 3 साल पुरानी अचल संपत्ति को टैक्स के लिए लॉन्ग टर्म मानती थी लेकिन अब ये सीमा घटाकर 2 साल कर दी गई है. इस बदलाव के बाद अब से अगर आप 2 साल पुरानी संपत्ति को भी बेचेंगे तो 20 परसेंट की दर से आपको टैक्स चुकाना होगा. हालांकि संपत्ति को बेचकर अगर आप निवेश करते हैं तो आप छूट के हकदार होंगे.
    7. इस स्कीम में निवेश से नहीं मिलेगा लाभ:
    राजीव गांधी इक्विटी सेविंग स्कीम में निवेश पर साल 2017-18 से टैक्स राहत नहीं मिलेगी. हालांकि जिन लोगों ने 1 अप्रैल 2017 से पहले ऐसे निवेश पर छूट क्लेम किया है तो उन्हें अगले 2 साल तक जारी छूट का फायदा मिलेगा.
    8. मिलेगा लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स का फायदा:
    इस बदलाव का फायदा लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स में भी मिलना तय है. बदलाव के बाद सरकार अब से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स में टैक्स काउंट करने के लिए महंगाई का अंदाजा 1 अप्रैल,1981 की कीमतों की जगह 1 अप्रैल, 2001 के आधार पर करेगी. हालांकि इसके बाद से संपत्ति बेचने के दौरान मुनाफा कम हो जाएगा. हालांकि कैपिटल गेन्स के लिए आपने किसी सरकारी बॉन्ड में निवेश किया है तो आप टैक्स छूट के हकदार होंगे.

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